गाजियाबाद में एक नया औद्योगिक संग्रहालय बनाया जाएगा, जो शहर की 1940 और 1950 के दशक की औद्योगिक विरासत को प्रदर्शित करेगा। यह संग्रहालय डीजल इंजन निर्माण से लेकर टेक्सटाइल और फार्मास्यूटिकल तक गाजियाबाद के औद्योगिक सफर को दर्शाएगा।

गुजरात के राजकोट के बाद देश भर में गाजियाबाद से ही डीजल इंजन की आपूर्ति होती थी। समय बदला और जिला कलपुर्जों के साथ ही टैक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल का हब बना। उत्तर प्रदेश शासन की एक जनपद एक उत्पाद योजना के तहत अब जिले को इंडस्ट्रियल गुड्स और टेक्सटाइल के रूप में पहचाना जाता है।
