नई दिल्ली: देश में सोने और चांदी की कीमतों को लेकर खरीदारों और निवेशकों की दिलचस्पी बनी हुई है। सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को कीमती धातुओं के बाजार पर लोगों की नजर रही। शादी-विवाह के मौसम और त्योहारों के दौरान आभूषण खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए सोने-चांदी के भाव में होने वाले बदलाव महत्वपूर्ण हैं। हालांकि, किसी भी दिन की वास्तविक कीमत जानने के लिए स्थानीय सर्राफा बाजार और विश्वसनीय कारोबारी स्रोतों से पुष्टि करना जरूरी है।
सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव के पीछे कई कारण होते हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की मांग, डॉलर की मजबूती, ब्याज दरों की स्थिति और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां इसकी कीमत को प्रभावित कर सकती हैं। इसके अलावा, भू-राजनीतिक तनाव के दौरान निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख करते हैं, जिससे सोने की मांग में बदलाव आ सकता है।
चांदी की कीमतों पर भी निवेशकों की नजर रहती है। सोने की तरह चांदी का उपयोग आभूषण बनाने में होता है, लेकिन इसका इस्तेमाल उद्योगों में भी बड़े स्तर पर किया जाता है। सौर ऊर्जा उपकरणों, इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों और अन्य तकनीकी क्षेत्रों में चांदी की मांग इसकी कीमतों को प्रभावित करने वाले महत्वपूर्ण कारकों में शामिल है।
आभूषण खरीदने वाले ग्राहकों को केवल प्रति दस ग्राम सोने के भाव पर ध्यान नहीं देना चाहिए। खरीदारी से पहले सोने की शुद्धता, हॉलमार्क, आभूषण बनाने का शुल्क और लागू करों की जानकारी लेना जरूरी है। अलग-अलग दुकानों पर निर्माण शुल्क और डिजाइन के आधार पर अंतिम कीमत में अंतर हो सकता है।
चांदी खरीदते समय भी उसकी शुद्धता, वजन और प्रति ग्राम या प्रति किलोग्राम दर की पुष्टि करनी चाहिए। ग्राहकों को खरीदारी की रसीद सुरक्षित रखनी चाहिए और उसमें धातु की शुद्धता तथा अन्य शुल्क का विवरण जांचना चाहिए।
विशेषज्ञों के अनुसार, निवेश के उद्देश्य से सोना या चांदी खरीदने वालों को कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव और अपने बजट का ध्यान रखना चाहिए। बिना जानकारी के जल्दबाजी में खरीदारी करने के बजाय बाजार की स्थिति समझकर निर्णय लेना अधिक उचित है।
