भगवान शिव ने मां गंगा को अपनी जटाओं में क्यों बांधा? पढ़ें राजा भागीरथ की कठिन तपस्या, गंगा का अहंकार और महादेव के ‘गंगाधर’ बनने की पौराणिक कथा। क्या गंगा के वेग से धरती का विनाश निश्चित था? शिव पुराण और रामायण के अनुसार पढ़ें अद्भुत रहस्य।

भागीरथ की कठोर तपस्या
कथा की शुरुआत होती है इक्ष्वाकु वंश के राजा भागीरथ से। उनके पूर्वजों (सगर के 60,000 पुत्रों) को कपिल मुनि के श्राप के कारण मुक्ति नहीं मिल पा रही थी। उनकी आत्मा की शांति के लिए केवल मां गंगा का जल ही एकमात्र उपाय था। वाल्मीकि रामायण के बाल कांड के अनुसार, भागीरथ ने गंगा को धरती पर लाने के लिए हजारों वर्षों तक कठिन तपस्या की।
