आचार्य चाणक्य के अनुसार जिन महिलाओं में ये 4 विशेष गुण होते हैं, वे अपने ससुराल में सुख-समृद्धि और खुशहाली लाती हैं। जानें मधुर वाणी, धैर्य और बचत जैसे वो संस्कार जो एक स्त्री को साक्षात लक्ष्मी का स्वरूप बनाते हैं। मीठी बोली बोलने वाली महिलाएं परिवार को जोड़कर रखती हैं धर्म और मर्यादा का पालन करने वाली स्त्री कुल का नाम रोशन करती है संकट के समय शांत रहना और परिवार का साथ देना सबसे बड़ा गुण है

चाणक्य नीति के अनुसार, जिस स्त्री की वाणी में मधुरता होती है, वहां कभी क्लेश नहीं होता। कड़वे वचन बोलने वाले लोग अक्सर बनते काम बिगाड़ देते हैं, लेकिन मीठा बोलने वाली महिला कठिन से कठिन परिस्थिति को भी शांत कर देती है। नीति शास्त्र के अनुसार, ऐसी महिलाएं समाज में अपने परिवार का मान-सम्मान बढ़ाती हैं और रिश्तों में कड़वाहट नहीं आने देतीं।
