घटना का विवरण
दिल्ली पुलिस और आंध्र प्रदेश के रेड सैंडलवुड एंटी-स्मगलिंग टास्क फोर्स (RSASTF) ने संयुक्त रूप से एक ऑपरेशन चलाया, जिसमें दिल्ली के तुगलकाबाद गांव में एक गोदाम से लगभग 10.3 टन रेड सैंडलवुड की लकड़ी जब्त की गई। इस लकड़ी की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत ₹6 करोड़ है। यह लकड़ी तिरुपति, आंध्र प्रदेश से तस्करी करके दिल्ली लाई गई थी। पुलिस ने दो आरोपियों, इरफान (हैदराबाद) और अमित संपत पवार (ठाणे, महाराष्ट्र) को गिरफ्तार किया है। इरफान पहले भी 2023 में इसी तरह के अपराध में गिरफ्तार हो चुका है।
तस्करी का तरीका और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क
पुलिस ने बताया कि आरोपियों का उद्देश्य इस लकड़ी को चीन और अन्य दक्षिण एशियाई देशों में निर्यात करना था, जहां इसका उपयोग पारंपरिक चिकित्सा में किया जाता है। रेड सैंडलवुड की लकड़ी की मांग इन देशों में बहुत अधिक है, जिससे यह एक मूल्यवान तस्करी सामग्री बन गई है। पुलिस ने इस मामले में और गिरफ्तारियों की संभावना जताई है और जांच जारी है।
कानूनी और पर्यावरणीय प्रभाव
रेड सैंडलवुड, जिसे ‘लाल चंदन’ भी कहा जाता है, भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत संरक्षित प्रजाति है। इसकी तस्करी न केवल कानूनी अपराध है, बल्कि यह पर्यावरणीय दृष्टि से भी हानिकारक है, क्योंकि यह प्रजाति विलुप्त होने की कगार पर है। सरकार और वन विभाग इस तरह के अपराधों को रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई कर रहे हैं।
