बॉम्बे हाई कोर्ट ने ओला इलेक्ट्रिक (Ola Electric Share Price) के सीईओ भाविश अग्रवाल के खिलाफ साउथ गोवा कंज्यूमर कमीशन द्वारा जारी डिटेंशन ऑर्डर और वारंट पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने कहा कि कमीशन ने शिकायत की सुनवाई के दौरान वारंट जारी कर अपनी शक्तियों का गलत इस्तेमाल किया। यह मामला ओला S1 प्रो स्कूटर में खराबी को लेकर एक उपभोक्ता की शिकायत से जुड़ा है।

हाई कोर्ट ने क्या कहा?
हाई कोर्ट ने कहा, “कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट की स्कीम को देखने पर, जब मुआवजा देने का ऑर्डर पास हो जाता है और उसे एक्ट के सेक्शन 71 के तहत लागू करने की कोशिश की जाती है, तभी स्टेट कमीशन को एक्ट के सेक्शन 71 के तहत सिविल कोर्ट की तरह अपने ऑर्डर को लागू करने के लिए डिटेंशन वारंट जारी करने की पावर मिलती है।”
कोर्ट ने आगे कहा, “कंज्यूमर फोरम या कमीशन के सामने किसी विवाद में किसी भी पार्टी को शिकायत की सुनवाई के दौरान ऐसा वारंट जारी करने की कोई पावर नहीं है”।
