भारतीय रिजर्व बैंक के नए नियमों के बाद सोमवार को शुरुआती कारोबार में कैपिटल मार्केट कंपनियों के शेयर गिर गए। RBI ने शेयर और कमोडिटी में प्रोप्राइटरी ट्रेडिंग करने वाली कंपनियों के लिए लोन नियम कड़े किए हैं। यह कदम सट्टा बाजार की गतिविधियों को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है। ये नियम 1 अप्रैल से लागू होंगे, जिससे वॉल्यूम प्रभावित होने की आशंका है।

कब से लागू होगा नया नियम?
शुक्रवार देर रात भारतीय रिजर्व बैंक ने बयान जारी कर कहा कि सिक्योरिटीज फर्मों को सभी क्रेडिट सुविधाओं के लिए कोलैटरल देना होगा, जबकि अपने अकाउंट पर ट्रेडिंग या ब्रोकरों द्वारा इन्वेस्टमेंट के लिए लोन देना मना होगा।
सेंट्रल बैंक ने कहा कि स्टॉक और कमोडिटी ब्रोकर जैसे कैपिटल मार्केट इंटरमीडियरी के लिए ये नियम 1 अप्रैल से लागू होंगे।
