दिल्ली सरकार ने शहर को ड्रोन डिजाइनिंग और मैन्युफैक्चरिंग का केंद्र बनाने के उद्देश्य से तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव की अगुवाई में यह समिति आईआईटी दिल्ली और अन्य विशेषज्ञों की मदद से ड्रोन नीति तैयार करेगी। समिति उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों की नीतियों का अध्ययन कर रही है, ताकि दिल्ली की सुरक्षा चिंताओं को ध्यान में रखते हुए एक प्रभावी नीति बनाई जा सके। इसका मुख्य फोकस अनुसंधान और विकास पर होगा।

समिति में दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी और होम विभाग के एक विशेष सचिव सदस्य हैं। अभी उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, गुजरात और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों की ड्रोन नीति का अध्ययन किया जा रहा है ताकि दिल्ली में की ज़रूरतों के हिसाब से नीति बनाने के तरीकों पर फैसला किया जा सके, जहां सुरक्षा की चिंताएं सबसे ज़्यादा हैं।
दिल्ली की ड्रोन नीति इस बात पर फोकस करेगी कि शहर को रिसर्च और डेवलपमेंट, ड्रोन की डिजाइनिंग और मैन्युफैक्चरिंग का हब कैसे बनाया जाए। ड्रोन का इस्तेमाल इसका बस एक हिस्सा होगा। बता दें कि पिछले साल नवंबर में लाल किले के पास हुए ब्लास्ट के बाद उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने मुख्य सचिव को तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश की तरह शहर के लिए ड्रोन नीति की संभावना देखने का निर्देश दिया था।
