प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 फरवरी को नए पीएमओ भवन ‘सेवा तीर्थ’ और ‘कर्तव्य भवन’ एक व दो का उद्घाटन करेंगे। इससे पहले, वे दक्षिण ब्लॉक में अंतिम कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता करेंगे, जो 125 साल बाद ब्रिटिश काल की छाप का अंत होगा। पुराने नॉर्थ और साउथ ब्लॉक को ‘युगे युगेन भारत राष्ट्रीय संग्रहालय’ में बदला जाएगा। यह कदम प्रशासनिक वास्तुकला को उपनिवेशीकरण से मुक्त करने की सरकार की पहल का हिस्सा है।

आधिकारिक सूत्रों ने पुष्टि की है कि यह पीएमओ में अंतिम कैबिनेट बैठक होगी, जो 1900 के दशक की शुरुआत में ब्रिटिश आर्किटेक्ट हर्बर्ट बेकर द्वारा ब्रिटिश राज की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए डिजाइन की गई थी।
शुक्रवार को अपराह्न 4 बजे निर्धारित इस कैबिनेट बैठक के बाद पीएमओ का ‘सेवा तीर्थ’ में स्थानांतरण होगा। यह कदम एक युग के अंत का प्रतीक होगा, क्योंकि सभी सरकारी विभाग उत्तर और दक्षिण ब्लाकों को खाली कर देंगे, जो 1921 से सत्ता का केंद्र रहे हैं।
