फाल्गुन माह का अंतिम प्रदोष व्रत रविवार, 01 मार्च को है, जिसे रवि प्रदोष व्रत कहा जाएगा। इस दिन दुर्लभ शोभन योग और रवि पुष्य योग सहित कई शुभ संयोग बन रहे हैं। इन मंगलकारी योगों में भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा करने से साधक को सुख, सौभाग्य, आरोग्य और सभी प्रकार के भौतिक सुखों की प्राप्ति होती है, तथा उसकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

ज्योतिषियों की मानें तो फाल्गुन माह के अंतिम प्रदोष व्रत पर दुर्लभ शोभन योग समेत कई मंगलकारी संयोग बन रहे हैं। इन योग में भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा करने से साधक को जीवन में सभी प्रकार के भौतिक सुखों की प्राप्ति होगी। आइए, शुभ मुहूर्त एवं योग के बारे में जानते हैं-
