नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने 20 रुपये के नकली सिक्के बनाने और उनकी आपूर्ति करने वाले एक कथित अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से करीब एक लाख रुपये के मूल्य के 5,000 नकली सिक्के बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, गिरोह इन सिक्कों को बाजार में चलाने के लिए अलग-अलग लोगों तक पहुंचाता था।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आठ सितंबर को सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति मुंडका औद्योगिक क्षेत्र मेट्रो स्टेशन के पास नकली सिक्कों की खेप पहुंचाने वाला है। इसके बाद अपराध शाखा की टीम ने इलाके में निगरानी बढ़ाई और संदिग्ध कार को रोककर तलाशी ली। कार की पिछली सीट पर रखे बैग से 50 पॉलीथिन पैकेट बरामद हुए। प्रत्येक पैकेट में 20 रुपये के 100 नकली सिक्के रखे थे। इस तरह कुल 5,000 सिक्के मिले, जिनकी अंकित कीमत एक लाख रुपये थी।
मौके से पारस जैन नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने कथित तौर पर बताया कि सिक्कों की खेप उसे उपकार लूथरा उर्फ अभय प्रताप सिंह से मिली थी। पुलिस के अनुसार, एक लाख रुपये के अंकित मूल्य वाले नकली सिक्के करीब 70 हजार रुपये में दिए जाते थे, ताकि उन्हें आगे बाजार में चलाया जा सके।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि गिरोह की कथित निर्माण इकाई पहले हरियाणा के सोनीपत में थी। बाद में इसे उत्तर प्रदेश के सहारनपुर स्थानांतरित करने की कोशिश की जा रही थी। इस मामले में उपकार लूथरा के साथ अनुराग पाल और जनार्दन कुमार चौरसिया को भी गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने आरोपियों के पास से कार और अन्य सामान भी जब्त किया है। चारों आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने कितने नकली सिक्के बाजार में पहुंचाए और इस नेटवर्क से अन्य कौन लोग जुड़े हुए हैं।
