दिल्ली में छठ पूजा की तैयारियों को लेकर सरकार ने अतिरिक्त घाट बनाने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अनुसार, श्रद्धालुओं की सुविधा और त्योहार के दौरान बढ़ने वाली भीड़ को ध्यान में रखते हुए घाटों की व्यवस्था का विस्तार किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य राजधानी में रहने वाले पूर्वांचल और बिहार सहित विभिन्न राज्यों के श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
छठ पूजा दिल्ली के प्रमुख धार्मिक त्योहारों में शामिल है। इस अवसर पर हजारों परिवार यमुना नदी के किनारे, कृत्रिम जलाशयों और निर्धारित घाटों पर पहुंचकर सूर्यदेव तथा छठी मैया की पूजा करते हैं। श्रद्धालु उगते और डूबते सूर्य को अर्घ्य देकर परिवार की सुख-समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हैं। त्योहार के दौरान घाटों पर बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने के कारण साफ-सफाई, सुरक्षा और यातायात की व्यवस्था महत्वपूर्ण हो जाती है।
अतिरिक्त घाटों से श्रद्धालुओं को मिलेगी सुविधा
सरकार की ओर से अतिरिक्त घाट तैयार करने की घोषणा के बाद संबंधित विभागों के सामने सुविधाओं की उचित व्यवस्था करने की जिम्मेदारी होगी। घाटों पर स्वच्छ पानी, प्रकाश, सफाई, महिलाओं के लिए आवश्यक सुविधाएं और सुरक्षा प्रबंध श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और प्रशासन की भूमिका भी अहम होगी।
इसके साथ ही यमुना नदी के किनारे पूजा करने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है। प्रशासन को घाटों पर फिसलन, गहरे पानी और अन्य संभावित खतरों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक प्रबंध करने होंगे।
16 नवंबर को सार्वजनिक अवकाश की घोषणा
छठ पूजा के अवसर पर 16 नवंबर को सार्वजनिक अवकाश की घोषणा भी की गई है। इससे श्रद्धालुओं और त्योहार से जुड़े परिवारों को पूजा की तैयारियों के लिए सुविधा मिलने की उम्मीद है। हालांकि, अवकाश की लागू होने वाली शर्तों और संबंधित कार्यालयों पर इसके प्रभाव की पुष्टि आधिकारिक आदेश से की जानी चाहिए।
दिल्ली में अतिरिक्त घाटों का निर्माण और बेहतर सुविधाओं की व्यवस्था त्योहार के आयोजन को सुगम बना सकती है। अब श्रद्धालुओं की नजर इस बात पर रहेगी कि घाटों की तैयारी समय पर पूरी हो और पूजा के दौरान स्वच्छता, सुरक्षा तथा यातायात संबंधी व्यवस्थाएं प्रभावी रहें।
