नई दिल्ली में बारापुला चरण-3 मार्ग के शुरू होने के बाद यातायात व्यवस्था को लेकर नई चुनौती सामने आई है। नए मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बढ़ने के साथ पुराने बारापुला पुल के आसपास यातायात का दबाव काफी बढ़ गया है। मुख्य समस्या उस स्थान पर सामने आ रही है जहां अलग-अलग दिशाओं से आने वाला यातायात आगे चलकर सीमित लेन में मिल जाता है। बताया जा रहा है कि करीब नौ लेन से आने वाला यातायात आगे केवल तीन लेन में सिमट जाता है। इसके कारण व्यस्त समय में वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं और चालकों को काफी समय जाम में बिताना पड़ रहा है।
यातायात दबाव का असर आसपास के प्रमुख मार्गों पर भी दिखाई दे रहा है। कार्यालय जाने और लौटने के समय स्थिति अधिक गंभीर हो जाती है। वाहनों की गति धीमी होने से कुछ स्थानों पर जाम लंबा खिंच रहा है। इससे निजी वाहनों के साथ-साथ बसों और अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
दिल्ली यातायात पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कुछ मार्गों में बदलाव किए हैं। अधिकारियों की ओर से वाहनों को वैकल्पिक रास्तों से भेजने और भीड़ वाले हिस्सों में यातायात को व्यवस्थित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। वाहन चालकों को सलाह दी जा रही है कि वे व्यस्त समय में बारापुला के प्रभावित हिस्से से बचें और उपलब्ध वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करें।
बारापुला चरण-3 का उद्देश्य दक्षिण और मध्य दिल्ली के बीच यातायात को आसान बनाना था। हालांकि, नए मार्ग से बढ़े यातायात और पुराने पुल पर लेनों के अचानक कम होने के कारण यातायात प्रबंधन की आवश्यकता बढ़ गई है। विशेषज्ञों के अनुसार लंबे समय तक राहत के लिए सड़क की क्षमता, यातायात प्रवाह और लेन के मिलन वाले स्थान की दोबारा समीक्षा जरूरी हो सकती है। आने वाले दिनों में यातायात पुलिस और संबंधित विभागों की ओर से किए जाने वाले बदलावों से स्थिति में सुधार की उम्मीद है।
