नई दिल्ली: दिल्ली के उत्तरी रिज क्षेत्र को वन संरक्षण के दायरे में लाने की प्रक्रिया लंबे समय से चल रही है। उपलब्ध सरकारी अभिलेखों के अनुसार उत्तरी रिज का लगभग 131.54 हेक्टेयर क्षेत्र, यानी करीब 325 एकड़, आरक्षित वन के लिए प्रस्तावित किया गया था। इसलिए 277 एकड़ का आंकड़ा किसी विशेष भूखंड या चरण से संबंधित हो सकता है और इसकी अलग से आधिकारिक पुष्टि जरूरी है। Delhi Forest
दिल्ली रिज राजधानी के महत्वपूर्ण हरित क्षेत्रों में शामिल है। यह क्षेत्र शहर के पर्यावरणीय संतुलन, जैव विविधता और हरित आवरण के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। रिज के संरक्षण को लेकर दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार की ओर से विभिन्न स्तरों पर कदम उठाए गए हैं।
जून 2026 में दिल्ली रिज प्रबंधन बोर्ड का गठन भी किया गया। यह बोर्ड रिज और उससे जुड़े क्षेत्रों के संरक्षण, पुनर्स्थापना तथा गतिविधियों के नियमन के लिए शीर्ष व्यवस्था के रूप में काम कर रहा है। Delhi Ridge Management Board
रिज को आरक्षित वन का दर्जा मिलने से भूमि के उपयोग और गैर-वन गतिविधियों पर कानूनी नियंत्रण मजबूत होता है। दिल्ली सरकार के दस्तावेजों में भी रिज क्षेत्र में वन अधिनियम के तहत अधिसूचना जारी करने और संरक्षण उपायों को आगे बढ़ाने की आवश्यकता दर्ज की गई थी। Delhi Assembly
जुलाई 2026 में केंद्र सरकार ने भी दिल्ली रिज के बड़े हिस्से को वन भूमि के रूप में कानूनी संरक्षण देने की जानकारी दी थी। सरकार ने अगले वर्षों में देशी प्रजातियों के पौधारोपण, जलाशयों के पुनरुद्धार और पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने की योजनाएं भी बताई थीं। Press Information Bureau
रिज क्षेत्र का संरक्षण दिल्ली में बढ़ते शहरीकरण के बीच महत्वपूर्ण माना जाता है। हालांकि, किसी विशेष 277 एकड़ क्षेत्र को आरक्षित वन घोषित किए जाने की अंतिम अधिसूचना और उसकी सीमाओं की जानकारी के लिए संबंधित सरकारी अधिसूचना देखना आवश्यक होगा।
