भारतीय क्रिकेट के महान खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में काम करने वाली कंपनी ओपनएआई के साथ साझेदारी की घोषणा की है। यह बहुवर्षीय साझेदारी भारत में लोगों को चैटजीपीटी के व्यावहारिक इस्तेमाल से परिचित कराने और कृत्रिम बुद्धिमत्ता को रोजमर्रा के जीवन से जोड़ने पर केंद्रित है।
सचिन तेंदुलकर ने बताया कि वह स्वयं भी चैटजीपीटी का इस्तेमाल कर रहे हैं और इसके जरिए अलग-अलग कामों को आसान बनाने के तरीकों को समझ रहे हैं। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि चैटजीपीटी ने उनकी जिज्ञासा को बढ़ाने के साथ व्यावहारिक कार्यों में भी सहायता की है। इनमें परिवार के साथ यात्रा की योजना बनाने जैसे काम भी शामिल हैं।
भारत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की पहुंच बढ़ाने पर जोर
ओपनएआई और सचिन तेंदुलकर की साझेदारी का एक प्रमुख उद्देश्य लोगों को यह समझाने से जुड़ा है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता का इस्तेमाल केवल तकनीकी क्षेत्र तक सीमित नहीं है। पढ़ाई, जानकारी जुटाने, नए विचार विकसित करने और व्यक्तिगत रुचियों से जुड़े कामों में भी चैटजीपीटी का उपयोग किया जा सकता है।
सचिन तेंदुलकर अपने अनुभवों के माध्यम से लोगों को चैटजीपीटी के अलग-अलग उपयोगों के बारे में जानकारी देंगे। इससे भारत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता को लेकर आम लोगों की समझ बढ़ाने की कोशिश की जाएगी।
यह साझेदारी ऐसे समय हुई है जब भारत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सेवाओं का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। शिक्षा, कारोबार, रचनात्मक कार्य और व्यक्तिगत जरूरतों में इसके उपयोग को लेकर लोगों की रुचि बढ़ी है। तेंदुलकर जैसे लोकप्रिय सार्वजनिक व्यक्तित्व की भागीदारी से इस तकनीक के रोजमर्रा के उपयोग को लेकर अधिक चर्चा होने की संभावना है।
