नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव 2026-27 के लिए शुक्रवार को मतदान शुरू हो गया। विश्वविद्यालय से जुड़े करीब 1.51 लाख से अधिक विद्यार्थी इस चुनाव में अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं। मतदान के जरिए छात्रसंघ के चार केंद्रीय पदों—अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव—के लिए प्रतिनिधियों का चयन किया जाएगा।
मतदान को दो चरणों में कराया जा रहा है। दिन के महाविद्यालयों में विद्यार्थी सुबह 8:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक मतदान कर सकते हैं, जबकि सांध्य महाविद्यालयों में मतदान दोपहर 3 बजे से शाम 7:30 बजे तक चलेगा। इस वर्ष केंद्रीय पदों के लिए कुल 20 उम्मीदवार मैदान में हैं। अध्यक्ष पद के लिए सात, उपाध्यक्ष के लिए पांच तथा सचिव और संयुक्त सचिव पद के लिए चार-चार उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं।
मतदान को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए विश्वविद्यालय के उत्तर और दक्षिण परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। विभिन्न महाविद्यालयों और महत्वपूर्ण स्थानों पर दो हजार से अधिक पुलिस तथा अर्धसैनिक बलों के जवानों की तैनाती की गई है। पुलिस की पैदल गश्त, मोटरसाइकिल दल और आपात प्रतिक्रिया वाहनों को भी सक्रिय रखा गया है।
चुनाव प्रचार के दौरान छात्र सुरक्षा, छात्रावास और रहने की सुविधाएं जैसे मुद्दे प्रमुखता से सामने आए। चुनाव से पहले दिल्ली उच्च न्यायालय ने भी परिसर में हिंसा, प्रचार नियमों के उल्लंघन और बाहरी लोगों की मौजूदगी को लेकर विश्वविद्यालय तथा पुलिस से जवाब मांगा था। अदालत ने नियमों का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया है।
डूसू चुनाव के नतीजों के लिए मतगणना 19 सितंबर को प्रस्तावित है। चुनाव प्रक्रिया के दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस की ओर से विद्यार्थियों से शांतिपूर्ण ढंग से मतदान करने तथा निर्धारित नियमों का पालन करने की अपील की गई है।
