प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुंबई दौरे से एक दिन पहले बांद्रा-कुर्ला परिसर स्थित जियो वर्ल्ड प्लाजा में फर्जी प्रधानमंत्री कार्यालय पहचान-पत्र के जरिए प्रवेश करने की कोशिश का मामला सामने आया है। मुंबई पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, एक आरोपी ने खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय का अधिकारी बताया, जबकि उसके साथ मौजूद निजी सुरक्षाकर्मी के पास एक लाइसेंसी रिवॉल्वर और छह जिंदा कारतूस मिले।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 24 वर्षीय रोहन प्रेमल पारिख और दिलीप राजाराम कुंडे के रूप में हुई है। कुंडे पूर्व सैनिक बताया गया है और वह पारिख के निजी सुरक्षाकर्मी के तौर पर काम करता था। पुलिस के मुताबिक, दोनों सोमवार शाम करीब पौने पांच बजे जियो वर्ल्ड प्लाजा पहुंचे थे। उस समय प्रधानमंत्री के अगले दिन होने वाले कार्यक्रम को देखते हुए परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी थी। सुरक्षा जांच के दौरान पहचान-पत्र और हथियार को लेकर सुरक्षाकर्मियों को संदेह हुआ और उन्होंने पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने बताया कि एक तीसरा व्यक्ति भी उनके साथ था, जिसकी पहचान प्रथामेश बागुल के रूप में हुई है। वह फिलहाल फरार है और उसकी तलाश की जा रही है। जांच अधिकारियों ने परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की मदद से आरोपियों की गतिविधियों की जानकारी जुटाई। इसके बाद पुलिस ने पारिख को उसके खार स्थित घर से और कुंडे को कल्याण से गिरफ्तार किया।
दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां उन्हें 11 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच मुंबई अपराध शाखा की अपराध खुफिया इकाई को सौंप दी गई है। जांच में फर्जी पहचान-पत्र कहां से बना, उसका इस्तेमाल क्यों किया गया और आरोपियों का वास्तविक उद्देश्य क्या था, इन सवालों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल इस घटना का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम से कोई सीधा संबंध सामने नहीं आया है। हालांकि, उच्च सुरक्षा वाले परिसर में फर्जी सरकारी पहचान-पत्र और हथियार के साथ प्रवेश की कोशिश ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल जरूर खड़े किए हैं। मामले की विस्तृत जांच जारी है।
