नई दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन को देखते हुए दिल्ली सरकार ने 11 सितंबर को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। सम्मेलन के दौरान राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और विभिन्न मार्गों पर आवाजाही को सुचारु बनाए रखने के लिए यह निर्णय लिया गया है। अवकाश के चलते दिल्ली के सरकारी कार्यालयों और विद्यालयों समेत कई संस्थानों में कामकाज प्रभावित रहेगा।
ब्रिक्स सम्मेलन में भारत समेत कई देशों के प्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों के शामिल होने की संभावना है। बड़ी संख्या में विदेशी प्रतिनिधिमंडलों के दिल्ली पहुंचने को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। सम्मेलन से जुड़े कार्यक्रमों के दौरान महत्वपूर्ण इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी जाएगी और जरूरत के अनुसार यातायात में बदलाव किया जा सकता है।
दिल्ली सरकार का मानना है कि सार्वजनिक अवकाश से राजधानी में यातायात का दबाव कम करने में मदद मिलेगी। सम्मेलन के दौरान हवाई अड्डे, प्रमुख होटल, सरकारी प्रतिष्ठानों और कार्यक्रम स्थलों के आसपास वाहनों की आवाजाही बढ़ने की संभावना है। ऐसे में आम दिनों की तुलना में सड़कों पर अतिरिक्त सुरक्षा जांच और यातायात नियंत्रण देखने को मिल सकता है।
अवकाश की घोषणा से दिल्ली के विद्यार्थियों और कर्मचारियों को भी राहत मिलने की उम्मीद है। विद्यालयों और सरकारी कार्यालयों के बंद रहने से सड़कों पर सामान्य दिनों की तुलना में वाहनों की संख्या कम रह सकती है। हालांकि, आवश्यक सेवाओं से जुड़े विभाग अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार काम कर सकते हैं।
प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि सम्मेलन के दौरान अनावश्यक रूप से संवेदनशील और प्रतिबंधित क्षेत्रों की ओर जाने से बचें। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपने सफर से पहले यातायात संबंधी दिशा-निर्देशों की जानकारी लें और जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करें।
ब्रिक्स सम्मेलन भारत के लिए महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय आयोजन माना जा रहा है। ऐसे में राजधानी में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारियां की जा रही हैं। 11 सितंबर का अवकाश भी इन्हीं तैयारियों का हिस्सा है। सम्मेलन समाप्त होने तक दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन पर प्रशासन की विशेष नजर बनी रहने की उम्मीद है।
