भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार, 3 सितंबर 2026 को लगातार तीन कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद तेजी लौटती दिखाई दी। कारोबार की शुरुआत में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों हरे निशान में रहे। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 200 से 260 अंक तक मजबूत हुआ, जबकि निफ्टी 24,000 के महत्वपूर्ण स्तर के आसपास पहुंच गया। इससे निवेशकों के बीच कुछ राहत देखने को मिली।
बाजार के शुरुआती रुझान में बैंकिंग और वित्तीय कंपनियों के शेयरों में विशेष खरीदारी देखने को मिली। निजी बैंकों, सरकारी बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों के शेयरों ने बाजार को सहारा दिया। शुरुआती कारोबार में भारतीय स्टेट बैंक, एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और अडाणी पोर्ट्स जैसे प्रमुख शेयरों में मजबूती दर्ज की गई। दूसरी ओर कुछ सूचना प्रौद्योगिकी और उपभोक्ता क्षेत्र की कंपनियों के शेयरों पर दबाव भी देखा गया।
इससे पहले बुधवार को बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी। 2 सितंबर को सेंसेक्स 373.93 अंक यानी 0.49 प्रतिशत गिरकर 76,570.35 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 141.35 अंक यानी 0.59 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,914.45 पर बंद हुआ। लगातार गिरावट के बाद गुरुवार को निवेशकों ने कुछ चुनिंदा शेयरों में खरीदारी शुरू की, जिससे बाजार को शुरुआती सहारा मिला।
बाजार में तेजी के पीछे वैश्विक संकेतों का भी योगदान रहा। अमेरिकी शेयर बाजार बुधवार को बढ़त के साथ बंद हुए और एशिया के कई प्रमुख बाजारों में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला। अमेरिकी बांड प्रतिफल में कुछ नरमी से भी वैश्विक निवेशकों की धारणा को सहारा मिला। इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों की खरीदारी ने भारतीय बाजार के लिए सकारात्मक संकेत दिए।
हालांकि बाजार के सामने कुछ चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव निवेशकों की चिंता बढ़ा रहे हैं। इसलिए शुरुआती तेजी के बावजूद विशेषज्ञ बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना जता रहे हैं। निवेशकों की नजर अब वैश्विक बाजारों, तेल की कीमतों, विदेशी निवेश और आने वाले आर्थिक आंकड़ों पर रहेगी।
