सावन महीने में मनाया जाने वाला प्रमुख हिंदू पर्व हरियाली तीज इस वर्ष 15 अगस्त को मनाया जाएगा। पर्व को लेकर दिल्ली सहित देश के कई हिस्सों में तैयारियां तेज हो गई हैं। बाजारों में महिलाओं के लिए हरी चूड़ियां, मेहंदी, पारंपरिक वस्त्र और पूजा सामग्री की मांग बढ़ गई है। मंदिरों में भी विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रमों की तैयारियां की जा रही हैं।
हरियाली तीज का पर्व विशेष रूप से महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की थी। इसी कारण विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना के लिए व्रत रखती हैं। अविवाहित युवतियां भी अच्छे जीवनसाथी की कामना से इस दिन पूजा-अर्चना करती हैं।
पर्व से एक दिन पहले ही बाजारों में खरीदारी के लिए महिलाओं की भीड़ देखने को मिल रही है। महिलाएं हरे रंग के कपड़े, चूड़ियां, बिंदी, मेहंदी और अन्य श्रृंगार सामग्री खरीद रही हैं। कई स्थानों पर तीज के अवसर पर विशेष मेहंदी कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। घरों में भी पारंपरिक पकवान बनाने और पूजा की तैयारियां चल रही हैं।
हरियाली तीज के दिन महिलाएं सुबह स्नान करने के बाद व्रत का संकल्प लेती हैं और भगवान शिव तथा माता पार्वती की पूजा करती हैं। कई स्थानों पर महिलाएं समूह में एकत्र होकर तीज के गीत गाती हैं और झूला झूलने की परंपरा निभाती हैं। सावन के हरियाले वातावरण में झूले और लोकगीत इस पर्व की विशेष पहचान हैं।
दिल्ली-एनसीआर के मंदिरों में भी पर्व को लेकर विशेष तैयारियां की जा रही हैं। मंदिरों में भगवान शिव और माता पार्वती का विशेष श्रृंगार किया जाएगा तथा श्रद्धालुओं के लिए पूजा की व्यवस्था की जाएगी।
हरियाली तीज केवल धार्मिक आस्था का पर्व ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, लोक परंपरा और पारिवारिक संबंधों से जुड़ा उत्सव भी है। इस अवसर पर महिलाएं एक-दूसरे को शुभकामनाएं देती हैं और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के साथ हरियाली तीज का आयोजन होने के कारण इस बार देश के कई हिस्सों में उत्सव का माहौल और भी विशेष रहने की उम्मीद है।
