मध्य प्रदेश में एम्बुलेंस में ऑक्सीजन समाप्त होने के बाद एक युवक की कथित मौत का मामला सामने आने पर राज्य सरकार ने गंभीर रुख अपनाया है। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने पूरे मामले की जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर यह स्पष्ट किया जाएगा कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों या कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार युवक को गंभीर स्वास्थ्य स्थिति में एम्बुलेंस के माध्यम से एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल ले जाया जा रहा था। इस दौरान एम्बुलेंस में मौजूद ऑक्सीजन सिलेंडर समाप्त हो जाने की बात सामने आई। परिजनों का आरोप है कि समय पर पर्याप्त ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीज की हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने संयुक्त जांच टीम का गठन किया है। यह टीम एम्बुलेंस की तकनीकी स्थिति, ऑक्सीजन की उपलब्धता, चालक और चिकित्सा कर्मचारियों की भूमिका, मरीज के उपचार संबंधी रिकॉर्ड तथा अस्पतालों के बीच समन्वय की विस्तृत जांच करेगी। साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि एम्बुलेंस संचालन के दौरान निर्धारित मानकों और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया गया था या नहीं।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कहा है कि राज्य सरकार मरीजों को बेहतर और समयबद्ध चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही, नियमों के उल्लंघन या जिम्मेदारी में कमी सामने आती है तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के बाद प्रदेश में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और एम्बुलेंस प्रबंधन व्यवस्था को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सभी एम्बुलेंस में पर्याप्त ऑक्सीजन, आवश्यक जीवनरक्षक उपकरण और प्रशिक्षित चिकित्सा कर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है, ताकि आपात स्थिति में मरीजों को समय पर प्रभावी उपचार मिल सके।
फिलहाल प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि जांच पूरी होने तक किसी भी अपुष्ट जानकारी पर विश्वास न करें। सरकार का कहना है कि निष्पक्ष जांच के बाद पूरी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
