भारत ने अफगानिस्तान में पाकिस्तान द्वारा की गई सैन्य कार्रवाई पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए गंभीर चिंता का विषय बताया है। विदेश मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि किसी भी संप्रभु देश की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता का सम्मान किया जाना चाहिए तथा विवादों का समाधान सैन्य कार्रवाई के बजाय बातचीत और कूटनीतिक माध्यमों से किया जाना चाहिए।
भारत ने उन रिपोर्टों पर भी चिंता जताई, जिनमें सैन्य कार्रवाई के दौरान आम नागरिकों के हताहत होने की बात कही गई है। विदेश मंत्रालय ने प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। भारत ने दोहराया कि वह अफगानिस्तान की संप्रभुता, स्वतंत्रता और क्षेत्रीय अखंडता के समर्थन के अपने रुख पर कायम है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस प्रकार की सैन्य कार्रवाई दक्षिण एशिया में तनाव बढ़ा सकती है और क्षेत्रीय सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। भारत ने सभी पक्षों से संयम बरतने तथा हालात को और अधिक गंभीर होने से रोकने के लिए शांतिपूर्ण और जिम्मेदार रवैया अपनाने की अपील की है।
दूसरी ओर, पाकिस्तान ने अपनी कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा है कि उसका अभियान आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाकर चलाया गया था और इसका उद्देश्य सीमा पार से होने वाली आतंकी गतिविधियों को रोकना था। हालांकि, अफगानिस्तान की ओर से इस कार्रवाई का विरोध किया गया है और इसे अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताया गया है।
विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा घटनाक्रम से क्षेत्रीय सुरक्षा संबंधी चुनौतियां और जटिल हो सकती हैं। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर भी इस घटनाक्रम पर बनी हुई है। भारत ने स्पष्ट किया है कि दीर्घकालिक शांति और स्थिरता केवल संवाद, आपसी सम्मान और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के पालन से ही सुनिश्चित की जा सकती है। फिलहाल इस मुद्दे पर संबंधित देशों के बीच कूटनीतिक गतिविधियां जारी हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी स्थिति पर करीबी नजर रखी जा रही है।
