प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 183 प्रशिक्षु अधिकारियों के साथ एक विशेष संवाद कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने युवा अधिकारियों को प्रशासनिक सेवा के मूल उद्देश्यों, जिम्मेदारियों और जनता के प्रति जवाबदेही के बारे में महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि एक सफल प्रशासन वही है जो नागरिकों की आवश्यकताओं, अपेक्षाओं और समस्याओं को केंद्र में रखकर कार्य करे।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने अधिकारियों से कहा कि वे केवल सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन तक सीमित न रहें, बल्कि आम लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रशासन का उद्देश्य लोगों की समस्याओं का समाधान करना और उन्हें बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना होना चाहिए। इसके लिए संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद आवश्यक हैं।
प्रधानमंत्री ने डिजिटल शासन, नवाचार और तकनीक के प्रभावी उपयोग पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में तकनीक प्रशासन को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुकी है। युवा अधिकारियों को नई तकनीकों को अपनाकर जनसेवा को और बेहतर बनाना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को देश के दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर वहां की वास्तविक परिस्थितियों को समझने की सलाह दी। प्रधानमंत्री ने कहा कि जमीनी स्तर का अनुभव ही एक अधिकारी को बेहतर निर्णय लेने में सक्षम बनाता है। उन्होंने अधिकारियों को ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और सेवा भावना को अपने कार्य का आधार बनाने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षु अधिकारियों ने भी प्रशासनिक चुनौतियों, विकास योजनाओं और शासन व्यवस्था से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रधानमंत्री से बातचीत की। यह संवाद युवा अधिकारियों के लिए प्रेरणादायक रहा और उन्हें भविष्य में प्रभावी एवं जन-केंद्रित प्रशासन प्रदान करने के लिए नई दिशा मिली।
