दिल्ली साइबर पुलिस स्टेशन ने ऑनलाइन ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार यह गिरोह फर्जी सरकारी वेबसाइट बनाकर लोगों को ठगी का शिकार बना रहा था। आरोपी सरकारी योजनाओं, नौकरी आवेदन, लाइसेंस और दस्तावेज़ सत्यापन जैसी सेवाओं के नाम पर नकली वेबसाइट तैयार करते थे और लोगों से ऑनलाइन पैसे वसूलते थे।
जांच एजेंसियों के मुताबिक आरोपियों ने कई ऐसी वेबसाइट बनाई थीं जो देखने में बिल्कुल सरकारी पोर्टल जैसी लगती थीं। वेबसाइटों पर सरकारी लोगो, रंग और डिज़ाइन का इस्तेमाल किया गया था ताकि आम लोग आसानी से धोखा खा जाएं। पुलिस को इस गिरोह की जानकारी तब मिली जब कई लोगों ने ऑनलाइन आवेदन के नाम पर ठगी की शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि वेबसाइट पर फीस जमा करने के बाद न तो कोई सेवा मिली और न ही पैसे वापस किए गए।
मामले की जांच के दौरान साइबर पुलिस ने डिजिटल ट्रांजैक्शन, मोबाइल नंबर और IP एड्रेस की मदद से आरोपियों तक पहुंच बनाई। छापेमारी के दौरान पुलिस ने लैपटॉप, मोबाइल फोन, फर्जी दस्तावेज, बैंक खातों की जानकारी और कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए। पुलिस का कहना है कि गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और देशभर के लोगों को निशाना बना रहा था।
अधिकारियों ने बताया कि आरोपी सोशल मीडिया और ऑनलाइन विज्ञापनों के जरिए लोगों को नकली वेबसाइटों तक पहुंचाते थे। कई बेरोजगार युवक और सरकारी सेवाओं के लिए आवेदन करने वाले लोग इनके जाल में फंस गए थे।
दिल्ली पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी सरकारी सेवा के लिए केवल आधिकारिक वेबसाइट का ही इस्तेमाल करें और वेबसाइट के URL की जांच जरूर करें। साइबर विशेषज्ञों ने भी ऑनलाइन भुगतान करते समय सतर्क रहने और संदिग्ध लिंक से बचने की सलाह दी है।
