नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते की चर्चाओं के बीच तेहरान इसे अपनी रणनीतिक और राजनीतिक जीत के रूप में पेश करने में जुट गया है। ईरानी नेतृत्व और सरकारी मीडिया यह संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं कि भारी सैन्य और आर्थिक दबाव झेलने के बावजूद ईरान ने अमेरिका और इजरायल के सामने झुकने के बजाय बातचीत की राह मनवाई।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने एक्स पर प्राचीन फारसी साम्राज्य के एक ऐतिहासिक चित्र का जिक्र करते हुए लिखा कि जिस तरह कभी रोमन साम्राज्य की अजेयता का भ्रम टूटा था, उसी तरह आज ईरान ने ताकतवर देशों के सामने झुकने से इनकार किया है। उनके इस बयान को मौजूदा अमेरिका-ईरान वार्ता से जोड़कर देखा जा रहा है।

